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जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो….

जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो….  जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो ललना लाल होइहे, कुलवा के दीपक मनवा में आस लागल हो॥  आज के दिनवा सुहावन, रतिया लुभावन हो, ललना दिदिया के होरिला जनमले, होरिलवा बडा सुन्दर हो॥   नकिया त हवे जैसे बाबुजी के,अंखिया ह माई के हो ललन मुहवा ह चनवा सुरुजवा त सगरो अन्जोर भइले हो॥   सासु सुहागिन बड भागिन, अन धन लुटावेली हो ललना दुअरा पे बाजेला बधइया, अन्गनवा उठे सोहर हो॥   नाची नाची गावेली बहिनिया, ललन के खेलावेली हो ललना हंसी हंसी टिहुकी चलावेली, रस बरसावेली हो॥  जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो ललना लाल होइहे, कुलवा के दीपक मनवा में आस लागल हो॥

AHIR COLLEGE SHIKOHABAD

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शिकोहाबाद शहर का पुराना नाम मोहम्मद माह था(आज भी तहसील में ये नाम मौजूद है)इसकी स्थापना मुगल शासक शाहजहां के बड़े बेटे और औरंगज़ेब के भाई दारा शिकोह ने की थी शिकोहाबाद एक वक्त मुगल सल्तनत की छावनी हुआ करता था।  ये प्रारंभ मे   मैनपुरी जिले   की तहसील (उपजिला) थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री   नारायण दत्त तिवारी   ने इसे 5 फरवरी 1989 को नवनिर्मित जिले   फिरोजाबाद   में इसे शामिल कर दिया , शिकोहाबाद को यदुवंशियों की छोटी राजधानी भी कहते हैं|   ब्रिटिश शासन काल में मैनपुरी की अनेक रियासतों पर अहीर क़ाबिज़ थे।   मैनपुरी इलाके में  19   अहीर रियासतें थीं। इन्ही अग्रणी अहीरों ने अन्य प्रदेशों के अहीर शासकों के साथ मिलकर देश के अन्य हिस्सों के पिछड़े अहीरों के उत्थान व कल्याण हेतु अखिल भारतीय यादव महासभा की स्थापना की ,  जिसका पहला अधिवेशन वर्ष  1912  में शिकोहाबाद में ही हुआ था।   संस्था में कुल 29 लाख सदस्य हैं |   शिकोहाबाद क्षेत्र में 2 प्रमुख अहीर रियासते क्रमशः भरौल और उरावर रियासत थी | उरावर ...